वाराणसी। अपनी कला, संस्कृति और अद्भुत ताना-बाना के लिए दुनियाभर में मशहूर बनारसी साड़ी उद्योग को वैश्विक पटल पर एक नई ऊंचाई देने के लिए वारा...
वाराणसी। अपनी कला, संस्कृति और अद्भुत ताना-बाना के लिए दुनियाभर में मशहूर बनारसी साड़ी उद्योग को वैश्विक पटल पर एक नई ऊंचाई देने के लिए वाराणसी नगर निगम ने कमर कस ली है। शहर में बनारसी साड़ियों के कारोबार को सुगम बनाने और व्यापारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं देने के लिए अब तक का सबसे बड़ा सेंट्रलाइज्ड मार्केट 'नमो साड़ी केंद्र' बनाने का खाका तैयार किया गया है।
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| Purvanchal Samachar |
कैंट स्टेशन के पास मालगोदाम की जमीन चिन्हित
इस भव्य कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए नगर निगम ने कैंट रेलवे स्टेशन के बेहद करीब मालगोदाम के पास स्थित खाली जमीन को चिन्हित किया है। स्टेशन के नजदीक होने के कारण बाहर से आने वाले थोक और फुटकर खरीदारों को सीधे इस मार्केट तक पहुँचने में आसानी होगी। इस पांच मंजिला हाईटेक कॉम्प्लेक्स में कुल 350 अत्याधुनिक दुकानें बनाई जाएंगी, जिन्हें बनारसी साड़ी के स्थानीय कारोबारियों और बुनकरों को आवंटित किया जाएगा।
₹146 करोड़ की लागत से निखरेगी काशी की संस्कृति
वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी ने बताया कि इस महाप्रोजेक्ट के निर्माण पर 146 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इस कॉम्प्लेक्स का स्थापत्य और डिजाइन साक्षात काशी की पौराणिक संस्कृति और विरासत को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। वर्तमान में बनारस की संकरी गलियों और अलग-अलग क्षेत्रों में बिखरे पड़े साड़ी व्यापारियों से लंबी वार्ता और उनकी सहमति के बाद ही इस भव्य केंद्र की रूपरेखा तय की गई है।
चौक-मैदागिन और गोदौलिया को मिलेगी जाम से मुक्ति
इस सेंट्रलाइज्ड मार्केट के अस्तित्व में आने के बाद काशी के पारंपरिक व्यापारिक केंद्रों जैसे चौक, मैदागिन और गोदौलिया क्षेत्र पर यातायात और भीड़भाड़ का दबाव बेहद कम हो जाएगा। वर्तमान में चौक क्षेत्र के पक्की चबूतरा और रानी बाजार जैसी तंग गलियों में बनारसी साड़ियों का विशाल होलसेल बाजार संचालित होता है, जहाँ खरीदारी के लिए देश के कोने-कोने से लोग आते हैं। इन थोक बाजारों को नए केंद्र में शिफ्ट करने का प्रस्ताव है, जिससे न केवल व्यापारियों का टर्नओवर बढ़ेगा बल्कि शहर को ट्रैफिक जाम से भी बड़ी राहत मिलेगी।
महापौर ने यह भी स्पष्ट किया कि साड़ी मार्केट के सफल क्रियान्वयन के बाद मैदागिन और चौक क्षेत्र से अन्य थोक बाजारों को भी चरणबद्ध तरीके से शहर के बाहरी या सुगम इलाकों में शिफ्ट करने की योजना है।
